बाहर जाकर खाने के मुकाबले टेकआउट और हाेम डिलीवरी में जाेखिम कम; वायरस भाेजन से नहीं फैलता, जाे इच्छा हो, वह मंगवा सकते हैं

लाॅकडाउन से धीरे-धीरे मिल रही छूट के साथ ही देश-दुनिया के कई शहराें में रेस्तरां और मिठाई की दुकानाें से टेकआउट या हाेम डिलीवरी की सुविधा शुरू हाे गई है। काेराेना काल में अकेले रह रहे या भाेजन न बना पानेवाले लाेगाें के लिए यह विकल्प अधिक सुविधाजनक है। हालांकि, इन तरीकाें में कोरोनावायरस के संक्रमण के जाेखिम काे लेकर भी कई सवाल हैं। फूड सेफ्टी स्पेशलिस्ट्स और पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट बता रहे हैं तमाम जवाब...

कुछ सामान्य निर्देशाें पर अमल करते रहें, तो आप बाहर के भाेजन का आनंद ले सकते हैं

क्या बेहतर है: टेकआउट या डिलीवरी?

रटगर्स यूनिवर्सिटी के फूड साइंस विशेषज्ञ डाेनाल्ड शेफनर कहते हैं, ‘सतह से संक्रमण फैलने के बहुत कम प्रमाण हैं। भाेजन से संक्रमण फैलने के प्रमाण नहीं हैं।’ नाॅर्थ कैराेलिना स्टेट यूनिवर्सिटी के फूड सेफ्टी स्पेशलिस्ट बेन चैपमैन के मुताबिक, ‘बाहर खाने के मुकाबले टेकआउट और डिलीवरी दाेनाें में जाेखिम कम है।

हालांकि, काॅन्टैक्टलेस डिलीवरी थाेड़ी सुरक्षित है। इसमें व्यक्ति भाेजन दरवाजे पर रख जाता है। ऑर्डर औरपेमेंट ऑनलाइन हाे जाता है। काेई रेस्तरां हाेम डिलीवरी नहीं करता ताे टेकआउट भी अपनाया जा सकता है। काेलाेराडाे स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की असि. प्राे. एलिजाबेथ कार्लटन कहती हैं, ‘ऐसी जगह न जाएं, जहां 20 लाेग इंतजार कर रहे हाें। रेस्तरांकर्मी काे बाेलें कि वह पैकेट रखे और आपके उठाने से पहले चला जाए।

पैकेजिंग में कितना जाेखिम है?
पैकेजिंग से खतरा कम है। यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग के पेडियाट्रिशियन डाॅ. जाॅन विलियम कहते हैं, ‘संक्रमित व्यक्ति पैकेट काे छू ले ताे भी ट्रांसमिशन का खतरा कम है। यह तभी हाे सकता है जब वह अपने हाथ संक्रमित करे, पैकेट काे छुए और आप उसे उसी स्थान से छुएं।’ फिर भी संदेह है ताे पैकेट काे डिसइंफेक्ट करें। हाथ धाेएं और भाेजन काे प्लेट में ट्रांसफर कर लें।

बर्तन के बारे में क्या?
भाेजन डिस्पाेजेबल बर्तनाें में आता है। आप घर पर भाेजन कर रहे हैं ताे आपको इनकी जरूरत नहीं पड़ेगी।

मुझे क्या ऑर्डर करना चाहिए?
चूंकि माना जा रहा है कि वायरस भाेजन से नहीं फैलता, इसलिए आप जाे चाहे मंगवा सकते हैं- पिज्जा, सलाद आदि। काेर्नेल यूनिवर्सिटी के काेर्नेल फूड वेंचर सेंटर की डायरेक्टर ओल्गा पैडिला-जैकाैर कहती हैं, ‘जाेखिम लाेगाें से परस्पर मिलने पर है, भाेजन के प्रकार में नहीं। कच्चे और आपके भाेजन में अंतर नहीं है।’ यदि आप अब भी चिंतित हैं ताे भाेजन काे गर्म कर लें।

...ताे किस बात की चिंता करनी चाहिए?
कर्मचारियाें की सुरक्षा की चिंता करें। जब ऑर्डर करें ताे रेस्तरां से यह जरूर पूछें कि कर्मचारियाें की सुरक्षा कैसी है। उन्हाेंने मास्क, ग्लव्ज आदि पहने हैं या नहीं।



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रटगर्स यूनिवर्सिटी के फूड साइंस विशेषज्ञ डाेनाल्ड शेफनर कहते हैं, ‘सतह से संक्रमण फैलने के बहुत कम प्रमाण हैं। भाेजन से संक्रमण फैलने के प्रमाण नहीं हैं।’ -प्रतीकात्मक फोटो


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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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