लंबा जीवन चाहते हैं तो दूसरों की मदद करें; फ्रांस-जापान में सबसे कम मृत्यु दर, यहां कमाई का 69% दूसरों के साथ बांटते हैं

अगर आप ज्यादा लंबा जीवन जीना चाहते हैं तो आज से ही दूसरों के साथ अपनी चीजों को साझा करना शुरू कर दें। क्योंकि, हाल ही में आई एक रिसर्च रिपोर्ट बताती है कि उदारवादी या अपनी चीजों को दूसरों के साथ बांटने वाले लोगों की उम्र ज्यादा होती है। जबकि, अपनी कमाई को दूसरों के साथ नहीं बांटने वाले लोग कम जीते हैं।

सोमवार को अमेरिकी साइंटिफिक जर्नल प्रोसीडिंग ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (PNAS) में प्रकाशित हुई स्टडी में शोधकर्ताओं को उदारता और लोगों के जीवन के बीच एक मजबूत रिलेशन मिला है। स्टडी के अनुसार, वेस्टर्न यूरोपियन देशों में शेयरिंग सबसे ज्यादा और मोर्टेलिटी रेट यानी मृत्यु दर सबसे कम है, जबकि कुछ अफ्रीकी देशों में लोग अपनी कमाई को दूसरों के साथ सबसे कम शेयर करते हैं और यहां मृत्यु दर भी सबसे ज्यादा है।

मोर्टेलिटी रेट को प्रभावित करती है शेयरिंग
जर्मनी के रॉस्टोक स्थित मैक्स प्लेंक इंस्टीट्यूट फॉर डेमोग्राफिक रिसर्च के शोधकर्ताओं फैनी क्लूग और टोबियस वोट ने अपनी स्टडी में 34 देशों का डेटा शामिल किया था। फैनी ने कहा, "हमारी स्टडी में एक नई बात यह है कि पहली बार पैसों के लेनदेन को भी स्टडी में शामिल किया है। हमारा एनालिसिस बताता है कि चीजों को आपस में बांटना देश के मोर्टेलिटी रेट को प्रभावित करता है। इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि देश की जीडीपी क्या है।"

यूरोपीय देश और जापान में मोर्टेलिटी रेट सबसे कम
स्टडी में शामिल दूसरे देशों के मुकाबले फ्रांस और जापान में मृत्यु दर काफी कम है। यहां एक औसत नागरिक भी अपनी जीवन भर की कमाई का 68-69 प्रतिशत हिस्सा दूसरों के साथ शेयर करता है। दक्षिण अमेरिका के भी कुछ देशों में भी बड़े स्तर पर कमाई को दूसरों के साथ बांटा जाता है। यहां लोग अपनी जीवन की औसत कमाई का 60% दूसरों के साथ साझा करते हैं। दक्षिण अमेरिका में अफ्रीकी देशों के मुकाबले मोर्टेलिटी रेट कम है, लेकिन वेस्टर्न यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, जापान और ताइवान के मुकाबले ज्यादा है।

मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद है उदारवादी होना
राजस्थान के उदयपुर स्थित गीतांजलि हॉस्पिटल में असिस्टेंट प्रोफेसर और साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर शिखा शर्मा के अनुसार, किसी की भी मदद करने से हमारे अंदर पॉजिटिविटी बढ़ती है, कॉन्फिडेंस बेहतर होता और स्ट्रेस का स्तर कम होता है। यह तीनों चीजें हमारे मेंटल हेल्थ के लिए बहुत जरूरी हैं। किसी की मदद करने से हमारे अंदर प्रॉब्लम सॉल्विंग एटीट्यूड भी तैयार होता है।

महामारी में कैसे रहें उदारवादी
महामारी के दौरान हर कोई किसी न किसी तरह की परेशानी से जूझ रहा है। ऐसे में किसी की मदद करने से पहले अपनी जरूरतों का भी ध्यान रखें, ताकि आप आर्थिक परेशानी से बचे रहें। ब्लूमबर्ग के कुछ हेल्पिंग टिप्स भी आपके काम आ सकते हैं।

  • पहले खुद की आर्थिक सुरक्षा: किसी और फाइनेंशियल काम से पहले कम से कम 6 महीने के खर्च को इमरजेंसी फंड में रखें। हालांकि, इतने बुरे हालातों में ऐसा होना कई लोगों के लिए संभव नहीं है। यह पक्का करें कि आपके पास कम से कम एक महीने का खर्च हो। किसी भी चैरिटी से पहले एक महीने के खर्च को बचाना अच्छा तरीका होगा। इसके अलावा आपको किसी की भी आर्थिक मदद करने से पहले अपनी सभी देनदारी चुकाने की जरूरत होगी।
  • कैश के बदले अपना समय और हुनर दें: क्वारैंटाइन और घर में रहने के कारण कहीं भी फिजिकली मौजूद होना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन आप किसी की मदद इंटरनेट पर कर सकते हैं। किसी भी संस्था की वेबसाइट, ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए देखें कि उन्हें किस तरह की मदद चाहिए। इसके बाद उन्हें बताएं कि आप उनके कामों में कैसे मदद कर सकते हैं। जैसे- ग्राफिक डिजाइनिंग, न्यूजलेटर लिखना।
  • गिफ्ट्स के बजाए डोनेशन: इन हालात में डोनेशन एक अच्छा उपाय हो सकता है। अगर आप जन्मदिन मना रहे हैं, छुट्टियां प्लान कर रहे हैं या शादी के बारे में सोच रहे हैं तो करीबियों से गिफ्ट के बजाए अपने नाम से डोनेशन करने के लिए कहें।
  • सामान लोकल की दुकानों से खरीदें: चैरिटेबल संस्थाएं ही मदद करने का एकमात्र तरीका नहीं है। आप अपने लोकल एरिया और छोटी जगहों से शॉपिंग कर उनकी मदद कर सकते हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से चीजें खरीदने के बजाए छोटी दुकानों के बारे में विचार करें। इस तरह से आप लोकल इकोनॉमी की भी मदद करेंगे और सोसाइटी में योगदान दे पाएंगे। इससे छोटे स्टोर्स को बिजनेस जारी रखने में मदद मिलेगी।
  • छोटे डोनेशन करें और लगातार करें: अगर आप आर्थिक तौर पर इतने मजबूत हैं कि चैरिटी कर सकते हैं तो एक बार में बड़ा अमाउंट देने के बजाए छोटी-छोटी मदद करें। छोटे और लगातार डोनेशन करने से किसी भी संस्था में कैश फ्लो बना रहेगा। खासकर यह छोटे ऑर्गेनाइजेशंस के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा।


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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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