कोरोनावायरस की वजह से इंडियन प्रीमियर लीग के 13वें सीजन को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है। इस बीच, ई-स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म माय टीम11 ने इसे लेकर एक सर्वे कराया था। इसमें शामिल 60 फीसदी फैन्स ने इस साल आईपीएल होने की उम्मीद जताई है, जबकि 13 फीसदी का कहना है कि लीग के मैच जून-जुलाई के विंडो में खाली स्टेडियम में कराए जाएं। यह सर्वे 10 हजार लोगों पर किया गया।
इस सर्वे में हिस्सा लेने वाले 83 फीसदी लोगों का मानना था कि 2020 के अंत तक खेल गतिविधियां दोबारा शुरू हो सकते हैं जबकि करीब 40 फीसदी लोगों ने कहा कि वे 2021 से पहले खेल प्रतियोगिताओं को देखने जाने के लिए सहज महसूस नहीं करेंगे। ऐसे में लंबे वक्त तक स्टेडियम खाली ही रहेंगे। सर्वे के मुताबिक, 63 फीसदी लोग जल्द ही खेलों के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं जबकि 20 फीसदी लोगों को खेल गतिविधियों के शुरू होने अगर तीन से चार महीने की देरी भी होती है तो उससे कोई परेशानी नहीं।
बोर्ड ने 16 अप्रैल को आईपीएल को स्थगित किया था
बीसीसीआई ने पिछले महीने 16 अप्रैल को लॉकडाउन की मियाद 3 मई तक बढ़ने के बाद आईपीएल को अगले आदेश तक के लिए टाल दिया था। हालांकि, तब बोर्ड ने इसके शेड्यूल के बारे में नहीं बताया था।
दिसंबर से पहले आईपीएल होना मुमकिन नहीं
मौजूदा हालात और इंटरनेशनल शेड्यूल के चलते इसका दिसंबर के पहले होना मुश्किल लग रहा। जून से सितंबर तक मॉनसून सीजन रहता है। इस दौरान भारत को श्रीलंका और जिम्बाब्वे में सीरीज भी खेलनी है। अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप खेला जाना है। इसके बाद अन्य टीमों की आपसी सीरीज का कैलेंडर भी तय रहता है। इस शेड्यूल के बीच ही बीसीसीआई को आईपीएल के लिए खाली तारीखें तलाशनी होंगी। ऐसा होता है तो भी दिसंबर के पहले आईपीएल होना संभव नहीं लग रहा है।पहले यह टूर्नामेंट 29 मार्च से शुरू होना था, लेकिन कोरोना और वीजा प्रतिबंध के कारण 15 अप्रैल तक के लिए इसे टाल दिया गया था।
आईपीएल का फॉर्मेट छोटा हो सकता है
इस बार आईपीएल 50 दिन की बजाए 44 दिन का होना था। सभी 8 टीमों को 9 शहरों में 14-14 मैच खेलने थे। इनके अलावा 2 सेमीफाइनल, 1 नॉकआउट और 24 मई को वानखेड़े में फाइनल होना था, लेकिन अब जब भी यह टूर्नामेंट होगा तो बोर्ड इसके फॉर्मेट को छोटा करके 37 दिन का कर सकता है। 2009 में भी लोकसभा चुनाव के कारण इतने दिन में ही आईपीएल हुआ था। तब दक्षिण अफ्रीका में मुकाबले हुए थे।
नीलामी में 140.3 करोड़ रुपए में 62 खिलाड़ी खरीदे गए
इस बार आईपीएल नीलामी में 62 खिलाड़ी बिके, जिनमें 33 भारतीय और 29 विदेशी हैं। फ्रेंचाइजियों ने इन खिलाड़ियों को खरीदने में 140.3 करोड़ रुपए खर्च किए थे। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने थे। उन्हें कोलकाता ने 15.5 करोड़ रुपए में खरीदा था।
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