दुनिया के नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया है 2010 में रोजर फेडरर और राफेल नडाल जैसे दिग्गजों की चुनौती से पार नहीं पाने के कारण टूट गया था। जोकोविच के मुताबिक, वे इतने मायूस हो गए थे कि संन्यास लेने तक कामन बना लिया था।
32 साल के जोकोविच ने कहा 2008 में मैंने अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब ऑस्ट्रेलियन ओपन के रूप में जीता था। तब में वर्ल्ड नंबर तीन था। लेकिन 2 साल बाद ही मेरा बुरा दौर शुरू हो गया। 2010 के फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में 2 सेट की बढ़त लेने के बावजूद ऑस्ट्रिया के जर्गन मेल्जर के हाथों हार गया।इस हार को पचा पाना मेरे लिए भावनात्मक रूप से मुश्किल था। इस हार के बाद मैं बहुत रोया। यह मेरे लिए खराब पल था। मुझे हर तरफ अंधेरा नजर आ रहा था।
2008 में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने के बाद भी खुश नहीं था: जोकोविच
जोकोविच ने कहा कि 2008 में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने के बाद भीमैं खुश नहीं था। मुझे लगता था कि और बेहतर कर सकता हूं। लेकिन मैं फेडरर और नडाल के खिलाफ कई अहम मैच हार गया और मेल्जर से मिली शिकस्त मेरे लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
'2010 में फ्रेंच ओपन हराने के बाद खेल बदला'
सर्बियाई खिलाड़ी के मुताबिक, इस हार की वजह से मुझ पर से दबाव हट गयाऔर मैंआक्रामक टेनिस खेलने लगा। इसका फायदा हुआ और 2011 में मैंने तीन ग्रैंड स्लैम जीते। जोकोविच अब तक17 ग्रैंड स्लैम जीत चुके हैं। जो पुरुष वर्ग में सबसे ज्यादा 20 खिताब जीतने वाले फेडरर से तीन कम है।
दोबारा टेनिस शुरू होने को लेकर उत्सुक
वर्ल्ड नंबर-1नेकहा कि वह दोबारा टेनिस शुरू होने को लेकर उत्सुक हैं। आधिकारिक तौर पर 13 जुलाई को सीजन शुरू होने की बात हो रही है। लेकिन हालात ऐसे नहीं दिख रहे कि टेनिस उस समय भी शुरू हो। जोकोविच के लिए यह साल शानदार रहा है। मार्च के मध्य में जब कोविड-19 की वजह से टेनिस रूका तब वे लगातार 18 मैच जीत चुके थे। इसमें रिकॉर्ड 8वीं बार ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब भी शामिल है।
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